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Mutual Fund: लार्ज कैप फंड बनाम मिड कैप फंड

Posted On: 30 Nov, 2012 बिज़नेस कोच में

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बाजार इस समय अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है. एफआईआई अभी भी बाजार से दूर हैं. ऐसे में इक्विटी मार्केट की तुलना में म्यूचुअल फंड निवेशकों को खासा आकर्षित कर रहे हैं. अगर आप म्यूचुअल फंड में पैसा लगाना चाहते हैं तो लार्ज कैप फंड को ही अपनी पहली पसंद बनाएं


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लार्ज कैप फंड: लार्ज कैप फंड उस तरह का म्यूचुअल फंड है जहां पर निवेशकों का पैसा बड़ी ब्लू चिप कंपनी में निवेश किया जाता है. अकसर देखा गया है कि निवेशक भी म्यूचुअल फंड की उन्हीं कंपनियों में निवेश करते हैं जिनका संबंध लार्ज कैप फंड से है. उनका मानना है कि इस तरह के फंडों में एक तो जोखिम कम होता है दूसरे, इसमें निवेशकों का पैसा सेफ भी रहता है. अलग-अलग म्यूचुअल फंड द्वारा किसी भी कंपनी को मापने का मानदंड अलग-अलग होता है. आम तौर पर देखा गया है कि जिस कंपनी का बाजार पूंजीकरण 1000 करोड़ रुपए से भी अधिक है उसे लार्ज कैप फंड  के रूप में देखा जाता है.


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लार्ज कैप फंड  के जरिए उन कंपनियों में निवेश किया जाता है जो अर्निंग ग्रोथ के मामले में काफी मजबूत हों और हायर प्रॉफिट देने वाले हैं. एफआईआई बड़े स्तर पर खुद को लार्ज कैप कंपनियों तक सीमित रखते हैं. आम तौर पर जितनी बड़ी कंपनी होती है, उसमें उतनी ही ज्यादा एफआईआई हिस्सेदारी होती है. यह चीज कई दफा अच्छी होती है, लेकिन एफआईआई की बिकवाली करने पर यही दुख की वजह बन जाती है. लार्ज कैप फंड का सबसे बड़ा फायदा यह है कि मिड और स्मॉल कैप फंड की तुलना में कम अस्थिर रहता है. बाजार के जानकारों का मानना है कि बाजार के उतार-चढ़ाव के समय निवेशकों को लार्ज कैप फंड में निवेश करने की सलाह दी जाती है.


मिड कैप फंड: मिड कैप फंड उस तरह के म्यूचुअल फंड होते हैं जहां पर निवेशकों का पैसा मध्यम स्तर की कंपनियों में निवेश किया जाता है. हालाकि इस तरह की कंपनी का वर्गीकरण करने के लिए कोई मानक निर्धारित नहीं किया गया. आम तौर पर जिस कंपनी का बाजार पूंजीकरण 500 से 1000 करोड़ रुपए हो उसे मिड कैप फंड के रूप में देखा जाता है. आजकल बाजार में लार्ज कैप फंड की कीमत में मजबूती को देखते हुए एफआईआई जैसे बड़े निवेशक मिड कैप फंड की ओर रुख कर रहे हैं


स्मॉल कैप फंड: स्मॉल कैप फंड उस तरह फंड है जहां निवेशकों का पैसा स्मॉल कंपनियों में लगाया जाता है. आमतौर पर जिस कंपनी का बाजार पूंजीकरण 500 करोड़ रुपए तक है उसे हम स्मॉल कैप फंड के रूप में जानते हैं. ज्यादातर फंड विशेषज्ञों की राय यही होती है कि स्मॉल कैप फंड में पैसा लगाने से बचें. इसकी जगह लार्ज या फिर मिड कैप फंड का ही चुनाव करें. जानकार यह भी कहते हैं कि लार्ज कैप फंड की तुलना में स्मॉल कैप फंड में रिकवरी बहुत धीमी होती है. स्मॉल कैप फंड बाजार में गिरावट के दौरान बहुत तेजी से गिरते हैं. इसके उलट जब बाजार तेजी का रुख अपनाता है तो बहुत धीमी रफ्तार से बढ़ते हैं.


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