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पेट्रोलियम के बारे में यह फैक्ट्स जान लेना जरूरी है

Posted On: 2 Mar, 2014 बिज़नेस कोच में

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क्लास में टीचर ने स्टूडेंट से पूछा कि इस समय एक लीटर पेट्रोल का दाम कितने रुपए है? तभी एक दूसरे स्टूडेंट ने उठकर जवाब दिया, पता नहीं मैम अब कितने का है…घर से चला था तो 70 का था!…. यह एक व्यंग्य है जो यह बताता है कि पेट्रोल की कीमत इलेक्ट्रॉनिक सामानों की कीमत की तरह स्थिर या घटने वाली नहीं है बल्कि बढ़ती मांग के अनुसार लगातार अपने दामों में विस्तार ही करती है. पेट्रोल एक मात्र ऐसा खनिज पदार्थ है जिसके सामने विकास के सारे साधन बौने साबित होते हैं. देश चाहे अमरीका, चाइना या फिर भारत हो, बिना खनिज पदार्थ (पेट्रोल, डीजल) के यह अपनी जीडीपी ग्रोथ के ग्राफ को नहीं बढ़ा सकते.

B7NRREचलिए हम आपको कुछ ऐसे तथ्य बताते हैं जिससे आपको पता चलेगा खनिज पदार्थ हमारे लिए कितना महत्वपूर्ण है:

1. कच्चा तेल एक तरह का डार्क हाइड्रोकार्बन पदार्थ है जो विश्व में समुद्र और जमीन के अंदर पाया जाता है. इसका इतिहास तीन सौ मिलियन सालों का है.


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2. एक बैरेल ऑइल को बनाने के लिए कम से कम लगभग 20 गैलेन गैसोलीन का इस्तेमाल किया जाता है.

3. मोटर गाड़ियों और विमानों के लिए यह ईंधन एक महत्वपूर्ण खनिज पदार्थ है. इसके अलावा इसका उपयोग प्लास्टिक, पेंट्स, डिटर्जेंट, फर्टीलाइजर और लुब्रिकेंट में किया जाता है.

4. खनिज पदार्थों का हम पिछले 5000 सालों से उपयोग कर रहे हैं.

5. इस तरह के ईंधन से आप कपड़े, प्लास्टिक बोतल, पेन और कई अन्य सारी चीजें बना सकते हैं.

6. विश्व में अमेरिका ऐसा देश है जहां सबसे ज्यादा ईंधन (लगभग 20 मिलियन) की खपत होता है.

7. लाइट क्रूड ऑइल पानी की तरह होता है जबकि हैवी क्रूड ऑइल टार की तरह है.

8. सऊदी अरब तेल का सबसे बड़ा उत्पादक है. इसके बाद रूस में सबसे ज्यादा तेल पाया जाता है.

9. तेल को बैरेल में मापा जाता है. एक स्टैंडर्स बैरेल 159 लीटर का है.

10. विश्व में ईंधन और कोयला 88% उर्जा की मांग को पूरा करते हैं.


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Web Title : Facts about petroleum



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अभिषेक अनंत के द्वारा
May 10, 2015

धरती जैसी मेरी माँ (कविता ) धरती जैसी मेरी माँ ! अम्बर जैसे मेरे पिता ! इन दोनों के कारण ही – है आज मेरा अस्तित्व यहाँ! जब अभी नरमी की बातें आती , मैं माँ जैसा बन जाता हूँ ! जब भी कठोरता का पालन करता , पिता जी को खुद में पता हूँ ! आजीवन अविस्मृत इन दोनों की यादें , बासु कही या करू कुछ भी तो क्या ? धरती जैसी मेरी माँ ! अम्बर जैसे मेरे पिता ! इन दोनों के कारण ही – है आज मेरा अस्तित्व यहाँ! अभिषेक अनंत १०-०५-2015

अभिषेक अनंत के द्वारा
May 10, 2015

नेपाल के तबाही नेपाल में भूकम्प का रहा कुछ ऐसा कहर ! खंडहरों में तबदील हो गया मुस्कुराता शहर ! भव्यता ही रही इसकी पहचान हैं ! आज लग रहा हैं कि श्मशान हैं ! हर तरफ दिख रहा इसका साफ -साफ असर ! खंडहरों में तबदील हो गया मुस्कुराता शहर ! हर तरफ दर्द और खौफ का माहौल हैं ! ऊपर से वारिश भी उड़ा रहा मखौल हैं ! प्रकृति भी दिखा रही अजब तेवर ! खंडहरों में तबदील हो गया मुस्कुराता शहर ! भूकम्परोधी इमारतें भी हो गयी ध्वस्त ! हौसले वाले भी दिख रहे हैं पस्त ! बची जिंदगिया भी हैं घर सा बेघर ! खंडहरों में तबदील हो गया मुस्कुराता शहर ! कितना शांति और सुकून था पहले ! अब कितना अशांति और खौफ दिख रहा ! हर वर्ग को झेलना पद रहा हैं इसका असर ! खंडहरों में तबदील हो गया मुस्कुराता शहर ! सभी लोग ले रहे खुले में पनाह ! किसी को समझ में नहीं आता भूकम्प करेगा कब क्या ? भूकम्प में दिखा भारत सबसे पहले मद्द को तत्पर्य ! खंडहरों में तबदील हो गया मुस्कुराता शहर ! भूकम्प ने मचा रखा हैं हर तरफ तबाही ! नेपाल का कण -कण दे रहा इसकी गवाही ! हे भगवान कब ख़त्म होगा इसका असर ! खंडहरों में तबदील हो गया मुस्कुराता शहर ! अभिषेक अनंत ग्राम – मंझरिया , पोस्ट -मठिया , थाना – लौरिया जिला – प० चंपारण (बेतिया ) बिहार-८४५४५३ मो – ८८९६७८३३०९ , ७७६१९१८६२७ ईमेल – abhishekanant.philosophy@gmail.com

Abhishek anant के द्वारा
May 10, 2015

Happy Mother’s day

    Abhishek anant के द्वारा
    May 10, 2015

    नेपाल के तबाही नेपाल में भूकम्प का रहा कुछ ऐसा कहर ! खंडहरों में तबदील हो गया मुस्कुराता शहर ! भव्यता ही रही इसकी पहचान हैं ! आज लग रहा हैं कि श्मशान हैं ! हर तरफ दिख रहा इसका साफ -साफ असर ! खंडहरों में तबदील हो गया मुस्कुराता शहर ! हर तरफ दर्द और खौफ का माहौल हैं ! ऊपर से वारिश भी उड़ा रहा मखौल हैं ! प्रकृति भी दिखा रही अजब तेवर ! खंडहरों में तबदील हो गया मुस्कुराता शहर ! भूकम्परोधी इमारतें भी हो गयी ध्वस्त ! हौसले वाले भी दिख रहे हैं पस्त ! बची जिंदगिया भी हैं घर सा बेघर ! खंडहरों में तबदील हो गया मुस्कुराता शहर ! कितना शांति और सुकून था पहले ! अब कितना अशांति और खौफ दिख रहा ! हर वर्ग को झेलना पद रहा हैं इसका असर ! खंडहरों में तबदील हो गया मुस्कुराता शहर ! सभी लोग ले रहे खुले में पनाह ! किसी को समझ में नहीं आता भूकम्प करेगा कब क्या ? भूकम्प में दिखा भारत सबसे पहले मद्द को तत्पर्य ! खंडहरों में तबदील हो गया मुस्कुराता शहर ! भूकम्प ने मचा रखा हैं हर तरफ तबाही ! नेपाल का कण -कण दे रहा इसकी गवाही ! हे भगवान कब ख़त्म होगा इसका असर ! खंडहरों में तबदील हो गया मुस्कुराता शहर ! अभिषेक अनंत ग्राम – मंझरिया , पोस्ट -मठिया , थाना – लौरिया जिला – प० चंपारण (बेतिया ) बिहार-८४५४५३ मो – ८८९६७८३३०९ , ७७६१९१८६२७ ईमेल – abhishekanant.philosophy@gmail.com


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