blogid : 318 postid : 1293468

4 करोड़ में खरीदा था मोदी का सूट, अब लौटाने पड़े 6000 करोड़ रुपए

Posted On: 15 Nov, 2016 Business में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

सरकार, नोटबंदी, जनता, कैश, एटीएम, लंबी लाइन और पूरे देश में मचता हुआ हाहाकार. देश इन दिनों इन्हीं समस्याओं से जूझता हुआ दिख रहा है. कालेधन पर लगाम कसने के लिए ये योजना कितनी कारगर साबित हो पाती है, ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन इतना जरूर है कि देशभर से नोटों को ठिकाने लगाने की खबरें आ रही है. कहीं नोटों को गंगा में बहाने की बात सामने आ रही है तो कहीं नोटों को जलाने की खबरें सुनने को मिल रही है.


note surrender

इसी बीच नोटबंदी का एक और साइडइफेक्ट देखने को मिला है. आपको सूरत के बिजनेसमैन लालजी भाई तो याद ही होंगे. हां, वही लालजी भाई जिन्होंने मोदी का सूट 4.3 करोड़ रुपए में खरीदकर सुर्खियां बटोरी थी. इतना ही नहीं, मोदी के प्रति अपनी इस दीवानगी के लिए उनके कारनामे को ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ में भी शामिल किया गया था.


modi suit

अब एक और खबर के मुताबिक लालजी भाई ने सरकार को 6000 करोड़ रुपए के पुराने नोट सरेंडर किए हैं. इसके अलावा वो सरकार को 5,400 करोड़ रुपए टैक्स के रूप में चुकाएंगे. जिसमें 30 फीसदी की दर से 1800 करोड़ रुपए इनकम टैक्स और 200 फीसदी की पेनल्टी भी शामिल है.


lalji bhai2

कभी मोदी के सूट की वजह से सुर्खियों में आए लालजी भाई एक बार फिर से मोदी के फैसले की वजह से चर्चाओं में है. पेशे से ज्वैलरी का बिजनेस करने वाले लालजी भाई ने पिछले साल लड़कियों की शिक्षा के लिए 200 करोड़ रुपए दान में दिए थे. इसके अलावा वो हर साल दीवाली पर अपने कर्मचारियों को कार और फ्लैट भी गिफ्ट करते हैं. लालजी भाई के इस कदम को देखकर काफी लोग हैरान हैं, वहीं कुछ लोग उनपर चुटकी भी लेते दिख रहे हैं…Next


Read More :

दौलत के लालच में इन्होंने ने खोद दी थी इनकी कब्र, दिल्ली के इस महल में घूमती है इनकी आत्मा

विश्व का अमीर खिलाड़ी, इतने पैसे थे इनके पास

पैसे देकर गर्भधारण करना चाहती है यह महिला पुरूषों को फेसबुक पर दे रही है आमंत्रण




Tags:                     

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading ... Loading ...

0 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments


topic of the week



अन्य ब्लॉग

latest from jagran