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2000 के नोट ही नहीं भारत में पहले छपते थे 5000, 10000 के नोट, जानें दिलचस्प पहलू

Posted On: 28 Nov, 2016 Business में

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इंसान के जीवन की हर एक जरूरत की पूर्ती पैसे से होती है. पढ़ाई-लिखाई से लेकर शादी-ब्याह, व्यवसाय या फिर कोई कर्मकाण्ड  आदि सभी क्रिया कलाप अंततः पैसे पर निर्भर करते हैं. नमो-नमो की नोटबंदी की उद्घोषणा के बाद तो हम सभी को पैसे का महत्व बखूबी समझ आ गया है लेकिन पैसे से जुड़े  कुछ ऐसे भी तथ्य हैं जिनके बारे में आप आज तक नहीं जानते, आइये डालते हैं एक नज़र भारतीय मुद्रा से जुड़े कुछ अद्भुत तथ्यों पर.
1. भारतीय मुद्रा के निकास पर भारतीय रिजर्व बैंक का पूरा नियंत्रण होता है, मतलब कौन से नोट कितनी मात्रा में और कब प्रकाशित किये जाएंगे इस पर रिजर्व बैंक का पूरा कण्ट्रोल होता है.
2. क्या आप जानते हैं स्वतंत्रता से पहले भी 5000 तथा 10000 के नोट प्रचलन में थे जिनका विमुद्रीकरण रिजर्व बैंक द्वारा 1938 में कर दिया गया. 1954 में दोबारा इनको शुरू किया गया और 1978 में दोबारा इनका विमुद्रीकरण हुआ
3. भारत में एक ही समय में 1 रूपये के दो तरह के नोट चलन में थे जिनमे से एक हैदराबादी 1 रुपया था, जो भारतीय रूपये के साथ 1918 से 1959 तक चलन में था
4. पाकिस्तान के भारत से अलग होने के बाद, पाकिस्तान ने अपनी नयी कैरेंसी की कमी के कारण कुछ दिन तक भारतीय नोटों पर अपनी मोहर लगाकर अपने देश में चलाया.
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5. पहला एक रूपये का नोट किंग जॉर्ज V के फोटो के साथ 1917 में रिलीज किया गया.
6. नोट पर छपे गाँधी जी की वास्तविक फोटो 1946 में एक अज्ञात फोटोग्राफर द्वारा खींची गयी थी
7. रुपया, शब्द संस्कृत भाषा के ‘रुपयाकम’ शब्द से जन्म है जिसका मतलब हिंदी में चाँदी होता है.
8. भारत में प्रचलित हर एक नोट पर उसकी संख्या 15 भाषाओँ में लिखी रहती है जो भारत की ‘अनेकता में एकता’ की भावना को प्रदर्शित करती है.
9. भारतीय रूपये का प्रतीक चिन्ह IIT इंजीनियर उदय कुमार द्वारा बनाय गयाहै, जिसको 15 जुलाई 2010 को कैबिनेट द्वारा भारतीय रूपये के प्रतीक चिन्ह होने की मंजूरी मिली..Next
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इंसान के जीवन की हर एक जरूरत की पूर्ति पैसों से होती है. पढ़ाई-लिखाई से लेकर शादी-ब्याह, व्यवसाय या फिर कोई कर्मकाण्ड आदि सभी क्रियाकलाप अंततः पैसे पर निर्भर करते हैं. प्रधानमंंत्री की नोटबंदी की उद्घोषणा के बाद तो हम सभी को पैसे का महत्व बखूबी समझ आ गया है लेकिन पैसे से जुड़े  कुछ ऐसे भी तथ्य हैं जिनके बारे में आप शायद ही जानते हो. एक नजर भारतीय मुद्रा से जुड़े कुछ अद्भुत तथ्यों पर.


ruppe cover


1. भारतीय मुद्रा के निकास पर भारतीय रिजर्व बैंक का पूरा नियंत्रण होता है, मतलब कौन-से नोट कितनी मात्रा में और कब प्रकाशित किये जाएंगे इस पर रिजर्व बैंक का पूरा कंंट्रोल होता है.


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2. क्या आप जानते हैं स्वतंत्रता से पहले भी 5000 तथा 10000 के नोट प्रचलन में थे जिनका विमुद्रीकरण रिजर्व बैंक द्वारा 1938 में कर दिया गया. 1954 में दोबारा इनको शुरू किया गया और 1978 में दोबारा इनका विमुद्रीकरण हुआ

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3. भारत में एक ही समय में 1 रूपये के दो तरह के नोट चलन में थे जिनमेंं से एक हैदराबादी 1 रुपया था, जो भारतीय रूपये के साथ 1918 से 1959 तक चलन में था.

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4. पाकिस्तान के भारत से अलग होने के बाद, पाकिस्तान ने अपनी नयी कैरेंसी की कमी के कारण कुछ दिन तक भारतीय नोटों पर अपनी मोहर लगाकर अपने देश में चलाया.

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5. पहला एक रूपये का नोट किंग जॉर्ज V के फोटो के साथ 1917 में रिलीज किया गया.

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6. नोट पर छपे गांंधी जी की वास्तविक फोटो 1946 में एक अज्ञात फोटोग्राफर द्वारा खींची गयी थी.

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7. रुपया, शब्द संस्कृत भाषा के ‘रुपयाकम’ शब्द से जन्म है जिसका मतलब हिंदी में चांंदी होता है. भारत में प्रचलित हर एक नोट पर उसकी संख्या 15 भाषाओँ में लिखी रहती है जो भारत की ‘अनेकता में एकता’ की भावना को प्रदर्शित करती है.

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9. भारतीय रूपये का प्रतीक चिन्ह आईआईटी इंजीनियर उदय कुमार द्वारा बनाय गया है, जिसको 15 जुलाई 2010 को कैबिनेट द्वारा भारतीय रूपये के प्रतीक चिन्ह होने की मंजूरी मिली..Next


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